शनिवार, 4 फ़रवरी 2023

गजल

देश अमरित राज्य अमरित नेत धरि अमृताह छै
ताहि बादो लोक सभ एना किए मरखाह छै

नोर हुनकर नोर हमरो फर्क भेटत किछु मुदा
नोर हुनकर देर धरि चुप आ हमर अगुताह छै

बाँस छीलल हो कि बेछिल्ले मुदा हेतै असरि
के कहाँ आ के कते से आब नै परवाह छै

आस टुटतै संग छुटतै बात ई बूझल रहै
संग तइयो देल कारण जिद्द बड़ जिदियाह छै

खकसियाहा केर चक्करमे हमर सपना रहल
फेर कहलह आँखि के सपने बहुत झड़काह छै

सभ पाँतिमे 2122-2122-2122-212 मात्राक्रम अछि। ई बहरे रमल मोसम्मन महजूफ़ अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों