कहिओ सम कहिओ विषम
कहिओ बेसी कहिओ कम्म
होइत रहलै अकाल मृत्यु
कहिओ गोली कहिओ बम
खेलाइत रहलै देह पर
कहिओ देवी कहिओ जम
निकलैत रहल दिन-प्रतिदिन
कहिओ टका कहिओ दम्म
ठकि रहल अनचिन्हार के
कहिओ अहाँ कहिओ हम
'विदेह' ५१ म अंक ०१ फरबरी २०१० (वर्ष ३ मास २६ अंक ५१)
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