Friday, 15 November 2013

गजल

हम हँसलौ तँ संसार ई हँसल
कानलपर हमर नै कियो कनल

सिदहामे बझल आइ लोक सभ
आनक  नै सरोकार छै  बचल  

घुन खेने सगर घरक खामकेँ
र बाती निकलि डोलिते चलल

खूनसँ ओरयानी सभक पटल
सुनतै आब के केकरो कहल

मनुमनभौक गुड़ चौर खा कए
किरदानी सभक देखते  रहल

(मात्रा क्रम २२२१-२२१-२१२) 

जगदानन्द झा मनु

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों