Saturday, 24 January 2015

गजल

भक्ति गजल




शारदे शारदे शारदे
नीक बनबाक आधार दे

जय विजय केर संगे कनी
बेबहारक सुखद हार दे

नै महल नै अटारी मुदा
एकटा नीक सन चार दे

दूर बैसल हमर लोक वेद
नीक छै से समाचार दे

लोक छै आब अनचिन्हरबा
किछु दे की नै दे चिन्हार दे



सभ पाँतिमे 212+212+212  मात्राक्रम अछि।

मक्ताक अंतिम पाँतिमे दू ठाम दीर्घकेँ लघु मानल गेल अछि

चारिम शेरक पहिल पाँतिमे अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों