Wednesday, 28 October 2015

गजल


बहुत बेर हमरा देखने हेतै
बहुत बेर हमरा चाहने हेतै

अलोपित सगर दुख केकरो अबिते
बहुत बाट ओकर जोहने हेतै

इयादक रमनगर फील्डमे धीरे
सँ गुड़कैत मुस्की रोकने हेतै

छलै रौद बड़ कड़गर सिनेहक आइ
अदौड़ी हँसीकेँ खोटने हेतै

बहुत कानि अनचिन्हार बनलै
करेजा कियो बड़ तोड़ने हेतै

चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि

सभ पाँतिमे 122-1222-1222 मात्रक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों