Thursday, 10 December 2015

गजल

हम झुट्ठेमे अपसियाँत
तों सत्तेमे अपसियाँत

नहियें पी सकलै शराब
जे चिखनेमे अपसियाँत

सभ खा गेलै खेनहार
किछु पत्तेमे अपसियाँत

जकरा लग सालक हिसाब
से महिनेमे अपसियाँत

के छै अनचिन्हार लेल
सभ अपनेमे अपसियाँत

सभ पाँतिमे 222-22-121 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों