Saturday, 26 November 2016

गजल

कना कऽ पूछै हाल जगत
बहुत पसारै जाल जगत

अहींसँ भेलै दीन दुखी
अहींसँ मालामाल जगत

सुतल सुतल छै ड्राइवरे
खसल पड़ल तिरपाल जगत

के के बढ़ल अछि आगू तकर
बहुत करै पड़ताल जगत

हुनक जगत छनि सोन सुगंधि
हमर तँ कादो थाल जगत


सभ पाँतिमे 12-122-21-12 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिमे दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
अंतिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों