गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

गजल

हुनकर प्रेमक धाहसँ हम गुलाबी भ गेलौं

बुझलनि नहि ओ हमरा हम शराबी भ गेलौं 

 

हँसि कय हम लूटेलौं मोन सगरो अपन बुझि

भेटल नहि कनिको मोजर हिसाबी भ गेलौं 

 

सुनलौं बहुते एखन धरि सभक चुप भ सबटा 

सुनिते देरी मोनक हम जवाबी भ गेलौं 

 

जीवन भरि नेना पोसब रहल आस  अनके 

चाकर बनिते सरकारी नवाबी भ गेलौं

 

जगमे बहुते धोखा पाबि  सिखलौं रहब हम

असगर ‘मनु’ आखर संगे किताबी भ गेलौं

 

(मात्राक्रम 2222-222-122-122 सभ पाँतिमे) 

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’



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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों