बुधवार, 27 मई 2026

गजल

रूसल पियाकेँ मनेबै कोना हम
अपनो हियाकेँ दखेबै कोना हम


नैनासँ धारा कते नोरक बहिरहल

मोनक विरहकेँ नुकेबै कोना हम

 

छी आँखिमे आस बहुते रखने सजल

नेहक डगरकेँ बिछेबै कोना हम

 

प्रेमक सबक बिसरिए गेलाह सभ

विधि प्रेम हुनका सिखेबै कोना हम

 

भोरक किरण बनि अएलहुँ यौमनुहमर

सुख आब नेहक नुकेबै कोना हम

 

(बहरे सगीर मात्राक्रम : 2212-2122-2212)

✍🏻 जगदानन्द झामनु



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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों