Friday, 8 April 2011

गजल



धडकलै छाति राति, बहुत दिन बाद मिता
जरलैय दिया बाति, बहुत दिन बाद मिता

छलैया सुखल जडि जे परुका रौदीमे
फुल फुलैले साईद, बहुत दिन बाद मिता

आब पैर कहाँ धरती उरी आकाश जे हम
निशामे गेलियै माति, बहुत दिन बाद मिता

करै कोनो जोगार, तुही छैं आश हमर
देखहि कोनो साईत, बहुत दिन बाद मिता

देखिते ओकरा मुग्ध भेलै जे गृष्म रोशन
जुडिते गेलै पाँति, बहुत दिन बाद मिता

2 comments:

  1. bhaie aahank gajal main je maulikta dekhait chi anytra durlabh aiech..bahut sahaj muda bahut nik abhiwyakti rakhne chi...aasa karab je jaldiye aahank gajal sangrah market main aayat aa sab ke eke thaman paidh k manak hulas shant karab...

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  2. manmohak gazal roshanji, dhamgijjar kay deliyai

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों