Tuesday, 25 August 2015

गजल

गजल

दंगा हुनके महिमा छै
सहमल कोसी कमला छै

खुब्बे बरसल आगि सखी
साबन भादब महिना छै

बदलल छै सरकार मुदा
सभ किछ जहिना तहिना छै

इंजन डिब्बा कानि रहल
रूकल रूकल पहिया छै

बेर कुबेरक घरमे आब
दैया मैया बहिना छै

सभ पाँतिमे 222-222-2मात्राक्रम अछि
दू टा अलग अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
अंतिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु अतिरिक्त छूट जकाँ अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों