मंगलवार, 11 मई 2021

गजल

उजड़ल धरती उजड़ल गगन
जनता जानक भेलै हवन

झाँपल नेहक उघरल विरह
टुक टुक ताकै दू गो नयन

छै पावन भारत भूमिपर
संसद माने भड़ुआ भवन

बाहर योगासन साधि कऽ
भीतर केलक बहुते पतन

किछु शब्दे जीतै के कते
जे जे जीला तिनका नमन

सभ पाँतिमे 22-22-22-12 मात्राक्रम अछि। चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृतक परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों