गुरुवार, 27 मई 2021

गजल

सूतल भाग्य जगा क' देखू
आलस नित्य हटा क' देखू

भेटत प्रेम अधिक अहाँके
निच्चा माँथ झुका क' देखू

सभटा काज भ जाइते छै
नमरी थोड़ धरा क' देखू

दुख कम हैत जरूर देखब
अपना बूझि सुना क' देखू

जीवैते म' मरै क' अछि की
प्रेमक रोग लगा क' देखू

222-112-122 सभ पाँतिमे, सुझाव आमंत्रित अछि 💐

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों