Saturday, 15 November 2014

गजल


हमरा शराब चाही मुदा आँखिसँ
कनियें हिसाब चाही मुदा आँखिसँ

गेंदा बहुत चमेली बहुत हमरा लग
तैयो गुलाब चाही मुदा आँखिसँ

बाजल बिला कऽ चलि जाइ छै अन्तह
तँइ सभ जबाब चाही मुदा आँखिसँ

मानल गजल पसरि गेल छै तैयो
गजलक किताब चाही मुदा आँखिसँ

हारल छलहुँ तँए मानि लेबै सभ
हमरा हियाब चाही मुदा आँखिसँ

सभ पाँतिमे 2212+122+1222 मात्राक्रम अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों