Thursday, 3 September 2015

गजल

हमहीं साध्य हमहीं साधक हमहीं साधना छी
हमहीं भाव हमहीं भावक हमहीं भावना छी

छै परिणाम निश्चित रूपें ऐठाँ छै प्रमाणो
हमहीं कर्म हमहीं कारक हमहीं कामना छी

ऐ हाथें लियौ आ बँटियौ सौंसे एक रंगे
हमहीं भीख हमहीं याचक हमहीं याचना छी

बेकारक झमेला नै हुअए से मोन राखू
हमहीं धर्म हमहीं धारक हमहीं धारणा छी

चलि रहलै घमंडेमे जे सदिखन तकरा कहियौ
हमहीं सेव्य हमहीं सेवक हमहीं ताड़ना छी

ताड़ना=दंड

सभ पाँतिमे 2221-222-222-2122 मात्राक्रम अछि।
अंतिम शेरक पहिल पाँतिममे एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों