बुधवार, 10 जून 2026

गजल

सभसँ  बड़का गजलगोहि वर भेटलै

राति दिन ओ चलाबैत हर भेटलै

 

सोचि गेलहुँ भरोसा जकर कय क हम
गाममे नहि कतौ ओ तँ घर भेटलै  


सत्य बजबाक साहस किए नहि कतौ

हाकिमक आँखिमे आइ डर भेटलै

 

जीत लेलक सभक मोन ओ गाममे

देख ओकर हृदय भक्त बड़ भेटलै

 

‘मनु’ निभेनाइ नेहक कठिन अछि बुझल

काँट रोपल अपन पैर तर भेटलै

 

(बहरे मुतदारिक, मात्राक्रम : 212-212-212-212)

✍🏻 जगदानन्द झामनु


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों