सोमवार, 29 जून 2026

गजल

प्रेममे सदिखन किए हमहीं हारलौं

भागमे सभटा लिखल तोरा बारलौं

 

चैन मोनक आब भेटत कोना कतय

मोनमे खा चोट चित अप्पन मारलौं

 

राति-दिन आँखिसँ बहै नेहक जल सतत

आगिमे तोहर विरहकेँ घी ढारलौं

 

आब दुनियामे रहब नहि तोरा बिना

देख ली हम एक छन तेँ यम टारलौं

 

मनुजियाबै लेल तोहर हिय प्रेमकेँ

खून देहक हम अपन सभटा गारलौं

 

(बहरे जदीद, मात्राक्रम : 2122-2122-2212)

✍🏻 जगदानन्द झा मनु


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों