Friday, 31 March 2017

आशीष अनचिन्हारक सभ भक्ति गजल एकैठाम

1

हम रटै छी गोविन्द गिरधारीकेँ
हम तकै छी मुरली मनोहारीकेँ

देवकी वसुदेवक जशोदा नंदक
पूत गोपी वल्लभ जमुन तारीकेँ

जे उबारथि तारथि उठाबथि चाहथि
हम कहै छी तै कंस संहारीकेँ

पूजि ने थकलहुँ हम सुदामा मित्रक
द्रौपदी सत इज्जतक रखबारीकेँ

जै कहैए जमुना कदम्बक गाछो
रास रचि गीता कहि क' भयहारीकेँ


हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे
हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे


सभ पाँतिमे 2122+2212+222 मात्राक्रम अछि।अंतिम शेरक बाद पारम्परिक पदक प्रयोग अछि।

2
जय दुर्गा जय अम्बे जय काली मैया
जय भवतारणि नरकक भयहारी मैया

महिसासुरघाती सुर मुनि अर्चित पूजित
जय गौरी श्यामा जय दुखटारी मैया

टप टप शोणित लप लप जीहक संगम छै
नारी नै अबला सभपर भारी मैया

पापी पुण्यात्मा जोगी भोगी सभ ई
कहलक जे तों मुदमंगलकारी मैया

गे हम लिखबौ कोना तोरा बारेमे
हम छी बच्चा तों पालनकारी मैया

सभ पाँतिमे 222+222+222+22 मात्राक्रम अछि।

3

सोनाकेँ महलिया जखन टुटलै हो राम
सारा सन महलिया तखन बनलै हो राम

कानै संसार संग सुत मित सभ रहि रहि क'
छटपट्टी मोनमे हमर लगलै हो राम

काँचे बाँसक बना रहल महफा सभ कियो
पूरा भेलै जखन तखन उठलै हो राम

काठक उँचका पलंगिया सोभै बड़ बेसी
लह लह धधरासँ देहिया जरलै हो राम

जाबे धधरा रहै घरक आशा छल हमरा
पचकठिया होइते नगर छुटलै हो राम


सभ पाँतिमे 22+2221+122+2221 मात्राक्रम अछि।

चारिम आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानि लेबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

4
कत' के कनियाँ कोने महफा हो राम
कत' के समधी कोने दुल्हा हो राम

देहक कनियाँ कर्मक महफा हो राम
सत समधी दुल्हा परमात्मा हो राम

किनकर हाथें सोहागिन बनलहुँ हम तँ
कोने सेनुरबा छै सोभा हो राम

हम जम हाथें सोहागिन भेलहुँ आइ
नोरक सेनुरबा छै शोभा हो राम

सभकेँ भेटै कर्मक फल अपने मोने
गाबै निरगुण अनचिन्हरबा हो राम

सभ पाँतिमे 222+222+222+21मात्राक्रम अछि।

अंतिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

5

शिव शंकर भोला हे प्रभु
लिअ भांगक गोला हे प्रभु

टहलू भूतक संगे अहाँ
गौरी के टोला हे प्रभु

बड़का चुप्पा छै गण हिनक
नंदी बड़बोला हे प्रभु

भूतक बरियाती संग छै
बस साँपक डोला हे प्रभु

आत्मा गौरी शिव देह सम
छै सभहँक चोला हे प्रभु

सभ पाँतिमे 222+222+12 मात्राक्रम अछि।

पाँतिक अंतिम लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

6

से एलै केहन दिनमा ए राम
की फुटलै माटिक बसना ए राम

नै रहलै कोनो काजक धन बीत
किनलहुँ जे दिल्ली पटना ए राम

धधरामे सोना सन पोसल देह
जरि जरि भेलै से मटिया ए राम

छुटलै बेटा बेटी दुनियाँ संग
भेलै जखने पचकठिया ए राम

ईहो निरगुण जे गाबै तकरा तँ
भेटै ओ अनचिन्हरबा ए राम

सभ पाँतिमे 222-222-2221 मात्राक्रम अछि

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

7

वसुदेवक भागसँ एलथि कन्हैया
जसुदाकेँ जागसँ एलथि कन्हैया

जै ठामक लोके छल राक्षस सनकेँ
तै ठाँ बचि नागसँ एलथि कन्हैया

गाए गोपी बँसुरी बिरदाबन आ
राधाकेँ तागसँ एलथि कन्हैया

टूटल आसक डोरी सभहँक तखने
कनियें उपरागसँ एलथि कन्हैया

वेदक नामे उपनिषदक बाटे आ
गीता बैरागसँ एलथि कन्हैया

सभ पाँतिमे 22-22-22-22-22 मात्राक्रम अछि।
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

ओना मैथिलीमे भक्ति गजल तँ बड़ दिनसँ अछि मुदा नामाकरण जगदानंद झा मनुक कएल छनि। ई भक्ति गजल हुनके लेल। 

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।



8

जय दुर्गा जय काली जय भगवति जय जय
अबियौ हाली हाली जय भगवति जय जय

अड़हूलक कोंढ़ी लेने जगता भगता
मालिन संगे माली जय भगवति जय जय

सोभै लहठी नथिया टीका सेनूर
तैपर बड़का बाली जय भगवति जय जय

रुनझुन बाजल पायल हुनकर साँझहिमे
पसरल भोरक लाली  जय भगवति जय जय

खनमे ब्रम्हाणी रुद्राणी  खनमे
संहारी कंकाली जय भगवति जय जय

सभ पाँतिमे 222+222+222+22 मात्राक्रम अछि

तेसर शेरक अंतिम अक्षरकेँ संस्कृत छंद शास्त्रानुसार दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
चारिम शेरमे लयक दृष्टिसँ आर मेहनति चाही
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

9


नै हेतौ तोहर निबाह गे कनियाँ
दुनियाँ छै बड़का कटाह गे कनियाँ

जेबीकेँ गर्मी रहै नै दुनियामे
नै हो एते गौरबाह गे कनियाँ

भेलौ तोरा रोग बस धनौंधीके
संबंधो सभ लेभराह गे कनियाँ

खाली साढ़े तीन हाथके धरती
अनचिन्हारे छौ गबाह गे कनियाँ

निरगुण अनचिन्हार गाबि रहलै बड़
छै चलती बेरक उछाह गे कनियाँ

सभपाँतिमे 22+2221+2122+2मात्राक्रम अछि
दोसर शेरक पहिल पाँतिमे एकटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

10

बितलै खरना एलै साँझक बेरा उठलै ढ़ाकी गे
माथे सोभै सूपक संगे सुंदर पथिया मौनी गे

पबनैतिन सभ चलली घाटक दिस नहुँ नहुँ सम्हर सम्हरि
साँझक बेरा झलफल कनकन हहरै सभहँक छाती गे

हाथे हाथ सजल अरघक नरियर तैपर राखल दीपो
घाटे घाट सजल केरा भुसबा संगे तरकारी गे

कोशी साजल हाथी मातल छै तैपर ठकुआ राखल
सभ घूमै चारू दिस गीतो गाबथि बहिना काकी गे

भेलै भिनसरबा सिहकै पछबा बड़ सोचथि पबनैतिन
नै देलथि दरशनमा राना मैया हम बड़ पापी गे

आबो तँ उगह हो आदित भेलै बड़ देर अबेर कुबेर
नाम उचारथि अरघी हाथ अरघ लेने सभ साँती गे

करिते गोहारि किरिन फुटलै उठलै लाली पुरुबक दिस
माँगै पबनैतिन सुख नैहर सासुर बेटा बेटी गे

भेलै परना गेलै सभ घाटो लागै सून उदासल
घाटक दूभि कहै अबिअह परुकाँ रहतौ खुशहाली गे

सभ पाँतिमे 222+222+222+222+222 अछि
दूटा अलग-अलग लघुकेँ एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
छठम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु फाजिल लेबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

11

शारदे शारदे शारदे
नीक बनबाक आधार दे

जय विजय केर संगे कनी
बेबहारक सुखद हार दे

नै महल नै अटारी मुदा
एकटा नीक सन चार दे

दूर बैसल हमर लोक वेद
नीक छै से समाचार दे

लोक छै आब अनचिन्हरबा
किछु दे की नै दे चिन्हार दे


सभ पाँतिमे 212+212+212  मात्राक्रम अछि।
मक्ताक अंतिम पाँतिमे दू ठाम दीर्घकेँ लघु मानल गेल अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिमे अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि।

12

भक्ति पियास दियौ हे मैया
मुक्ति हुलास दियौ हे मैया

जय जगतारणि सभ दुख हारणि
सुख के आस दियौ हे मैया

दुखमे डूबल सगरो दुनियाँ
बस उगरास दियौ हे मैया

ज्ञानक जोती हीरा मोती
कंठक भास दियौ हे मैया

बचि जेतै दुनियाँ के लाज
ई बिसबास दियौ हे मैया

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि।
दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
अंतिम शेरक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

13

विधिकेँ हाथ
विधिना साथ

सभहँक नाथ
भोलेनाथ

हुनका आगू
झूकै माथ

तोरा लग नै
कोनो लाथ

किछु भक्तिक तों
चिपड़ी पाथ

सभ पाँतिमे 2221 मात्राक्रम अछि
तेसर, चारिम आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि


14

छठिक शुभकामना सहित ई भक्ति गजल


नहुँए नहुँ आबथि पबनैतिन
सुरजे सन लागथि पबनैतिन

आस्ते आस्ते जोरे जोरसँ
गीत मधुर गाबथि पबनैतिन

कोशी हाथी छिट्टा पथिया
सभहँक रस जानथि पबनैतिन

पुरबा बहने काँपथि तैयो
पाबनि ई ठानथि पबनैतिन

खरना चाहथि दीनो गानथि
परना नै चाहथि पबनैतिन

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि

15

अहाँ आएब यै राना दाइ फेरो
हँ, नै जाएब यै राना दाइ फेरो

बहुत सुख संग अन धन लछमी जरूरे
अहाँ लाएब यै राना दाइ फेरो

हँसी हमरो खुशी हमरो भेटि जेतै
जँ मुस्काएब यै राना दाइ फेरो

दया सदिखन बनेने रहबै तकर आस
तँ देखाएब यै राना दाइ फेरो

गजल लीखत बहुत अनचिन्हार ऐठाँ
अहाँ गाएब यै राना दाइ फेरो

सभ पाँतिमे 1222-1222-2122 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

16

आयू पूरल जौबन छूटल
सुत मित दुनियाँ सेहो रूसल

अप्पन अनकर हम्मर हुनकर
अतबेमे ई जीवन बीतल

कोठा सोफा अहिना रहतै
ई चर्चा हमरे नै बूझल

जिनका बुझलहुँ अपना अपनी
अंत समय से टन्ना लूटल

दुरजन डूबल सुविधा रसमे
निरगुण रसमे साधू डूबल

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि नियम शैथिल्यक तहत।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि


17
रामे राम सीताराम
गामे गाम सीताराम

कारी देह उज्जर मोन
श्यामे श्याम सीताराम

डेगे डेग दुर्गा कालि
ठामे ठाम सीताराम

लछमी सरसती आँगनमे
धामे धाम सीताराम

रटि रटि जीह पावन भेल
नामे नाम सीताराम

सभ पाँतिमे 2221-2221 मात्राक्रम अछि

चारिम शेरक पहिल पाँतिमे अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि

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