Tuesday, 20 May 2014

गजल

हुनका चाही काबा काशी
हमरा चाही लबनी पासी

हँसि हँसि गाबै माँलक बनियाँ
उजड़ल उपटल गामक चासी

उज्जर निरमल चकमक चकमक
कारी कारी मोनक वासी

बड़ भारी अछि नामक महिमा 
तैयो दरसन के अभिलाषी

चूबै अमरित हुनकर ठोरसँ
पी पी बनलहुँ हम अविनाशी

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों