Thursday, 1 May 2014

गजल



लबनी फुटैए सपनामे
पासी हँसैए सपनामे

काजरसँ पाथर पिघलल छै
टप टप चुबैए सपनामे

जागल मनोवृति सैंतल जे
बहसल लगैए सपनामे

सोहाग एहन अछि चमकल
सपना अबैए सपनामे

चिन्हार अनचिन्हारक संग
गरदनि कटैए सपनामे


सब पाँतिमे 2212+2222 मात्रा क्रम अछि।

अंतिम शेरक पहिल पाँतिकेँ अंतमे अतिरिक्त लघु लेबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों