शुक्रवार, 30 मई 2014

गजल


सजि क' एलै इजोरिया के फूल
प्राण झिकतै इजोरिया के फूल

बीछि लिअ रौद मोन भरि आँगनमे
हम तँ बिछबै इजोरिया के फूल

अंतमे संग लेल हमहीँ ठीक
छोड़ि भगतै इजोरिया के फूल

खूब बेचू अहाँ हँसी के भेद
नोर किनतै इजोरिया के फूल

जागि गेलै इयाद सभ चुपचाप
फेर कनतै इजोरिया के फूल

सभ पाँतिमे 2122+121222+1 मात्राक्रम अछि।

दोसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों