शुक्रवार, 16 मई 2014

गजल



जल्दीसँ लगबियौ बंसीमे बोर बाबा
बीतत समय तँ भेटत बस अंगोर बाबा

मारल छलहुँ पिआरक की निंदक पता नै
नहिये पता चलल जे भेलै भोर बाबा

नै कहब नै कहू हमरा दुनियाँ बुझैए
जे कोन धनसँ सुड़कै छी नित झोर बाबा

रटि वेद आ कुरानक आखर बिसरलहुँ हम
खाली इयाद रहलै हुनकर ठोर बाबा

पिच छै क्रिकेटकेँ अवसर आएत नै फेर
सिक्सक भरोसपर नै छोड़ू फोर बाबा

सभ पाँतिमे 2212+1222+2122+2 मात्राक्रम अछि।
अंतिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु अतिरिक्त लघु अछि घुटक तौरपर।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों