Monday, 21 July 2014

गजल

दिनगर मुदा तैयो तँ अन्हार बड़
ऐ ठाम छै उल्लूक जैकार बड़

जै देशमे खाली बलत्कार छै
तै देशमे धर्मक चमत्कार बड़

ई साँइ छै ई राम छै ई खुदा
ऐ लेल उठि गेलैक हथियार बड़

छै लक्ष्य बौआएल आ बेकहल
देखू मुदा हुनकर तँ सिंगार बड़

आँगन उदासल छै पिआसल दुआरि
चुपचाप ताकै हमरा ई चार बड़

सभ पाँतिमे 2212-2212-212 मात्राक्रम अछि

चारिम आ पाँचम शेरमे एकटा-एकटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।
पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतमे एकटा लघु अतिरिक्त अछि


सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों