Tuesday, 29 July 2014

गजल

कागजपर विकास लिखल छै
बस औंठा निशान बचल छै

एबे करतै कहियो ने कहियो
आसेपर अकास टिकल छै

हेतै बाँट फाँट आ बखरा
भैयारी तँ खूब जुटल छै

भुज्जा सन बनल छै ई सपना
फूटल खा कऽ काँच छुटल छै

ओ जे खून छै से तँ ऐठाँ
नोरे सन निकलि कऽ खसल छै

सभ पाँतिमे 2221+21122 मात्रकाक्रम अछि।
दोसर, तेसर, चारिम आ पाँचम शेरमे शब्दक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों