Monday, 25 August 2014

गजल



तुलसी चौरा के सीत हम
शंकर गौरा के गीत हम

भ्रष्टाचारक छै लागि भागि
अफसर दौरा के जीत हम

माखन मिसरी लेलहुँ अहाँ
कुक्कुर कौरा के हीत हम

चौपेतल नूआ बियहुती
सैंतल मौरा के प्रीत हम

ई बंसी छै हमरे मुदा
पोठी सौरा के मीत हम

सभ पाँतिमे 2222+2212 मात्राक्रम अछि।

दोसर शेरक पहिल पाँतिमे एकटा लघु अतिरिक्त अछि।

मौरा = मौर

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों