Thursday, 28 August 2014

गजल



ओम्हर लव जेहाद छलै
एम्हर लव संवाद छलै

बिहुँसल ठोर हमर तोहर
आ पसरल उन्माद छलै

गड़िए गेलै अनचोक्कहि
काँटे सन तँ इयाद छलै

पसरल जे सौंसे दुनियाँ
छोट्टे सनक फसाद छलै

खुब्बे बढ़लै प्रेम हमर
हुनकर नेहक खाद छलै

सभ पाँतिमे 22+22+22+2 मात्राक्रम अछि।
दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

2 comments:

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों