सोमवार, 23 दिसंबर 2013

गजल

तोरा लगसँ जखन आबी हम
जिवनक गीत सदति गाबी हम

बजलो गप्प बिसरि गेलै ओ
बर्खक बर्ख तँ मूँहे बाबी हम

प्रेमक फूल उधारे भेटल
खुब्बे लोढ़ि क' भरि लाबी हम

ओ हरजाइ छलै से कहि कहि
अपने नेत तँ देखाबी हम

नटुआ नाचि क' चलियो गेलै
शमियानाक गला दाबी हम

नोरक मोसि हँसी सन कागत
अगबे नीक गजल पाबी हम



सभ पाँतिमे 2221-1222-2 मात्राक्रम अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों