Friday, 11 April 2014

गजल

ऐ बाल गजलक पहिल तीन शेर आ तकर बादक तीन शेर अलग-अलग पढ़ल जाए--


बाल गजल

रसगुल्ला दे छेना दे
नै लेबौ कम पूरा दे

हमरा थारीमे पुच्छी
नै खेबौ हम मूड़ा दे

माछी खसलै थारीमे
हमरा दोसर पूआ दे

खेलहुँ माँड़े भात सदा
आइ तँ हमरा चूड़ा दे

कत्ते घुमबै गाछीमे
कनियें टा बस दूरा दे

माटरजी माँगै पैसा
हमरा पहिने पैसा दे

सभ पाँतिमे मात्राक्रम 222+222+2 अछि।

चारिम शेरक दूनू पाँतिमे 2टा लघुकेँ 1टा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों