Friday, 18 April 2014

गजल


सोनाकेँ महलिया जखन टुटलै हो राम
सारा सन महलिया तखन बनलै हो राम

कानै संसार संग सुत मित सभ रहि रहि क'
छटपट्टी मोनमे हमर लगलै हो राम

काँचे बाँसक बना रहल महफा सभ कियो
पूरा भेलै जखन तखन उठलै हो राम

काठक उँचका पलंगिया सोभै बड़ बेसी
लह लह धधरासँ देहिया जरलै हो राम

जाबे धधरा रहै घरक आशा छल हमरा
पचकठिया होइते नगर छुटलै हो राम


सभ पाँतिमे 22+2221+122+2221 मात्राक्रम अछि।

चारिम आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानि लेबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों