Friday, 14 February 2014

गजल

दूर जते जाएब अहाँ
लग ओते आएब अहाँ

जँ खसब कहियो कत्तौ
हमरा तँ उठाएब अहाँ

बिसरब तँ बिसरि जाउ मुदा
नोरेसँ नहाएब अहाँ

सोना सन सूरति अप्पन
कहिया देखाएब अहाँ

मेटा जेतै सभटा दुख
घोघ जँ हटाएब अहाँ


सभ पाँतिमे ७ टा दीर्घक प्रयोग।
ऐ गजलमे दू टा अलग-अलग शब्दक लघुकेँ एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों