Tuesday, 25 February 2014

गजल

गजल

नव किछु कहू घटल की कहए छी
ताहूमँहक असल की कहए छी 

मिठगर करू कनी बोल अपन किछु
सदिखन वचन तनल की कहए छी 

आँहाँ विचारमे सभ त' कठिनगर
फरिछा कहू सरल की कहए छी 

आंगुरसँ गाइन पुराओल बहरमे
ई शेर आ गजल की कहए छी 

खहियारि गप्प राजीव कहब जे
बाजू खखसि दबल की कहए छी 

२२१२ १२२ ११२२
@ राजीव रंजन मिश्र 

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों