सोमवार, 24 फ़रवरी 2014

गजल

कौआ कारी बौआ गोर
बेटी उठलै भोरे भोर

मारा मारी चिकरा चिकरी
कानै बाजै खसबै नोर

धम धम छम छम गम गमसँ
चमकै बिजुरी पोरे पोर

भानस बनलै थारी सजलै
सुगनी पीबै झोरे झोर

भैया मारै जक्खन खूब
हन हन पट पट बजबै ठोर

सभ पाँतिमे 222-222-21 मात्राक्रम अछि।


दोसर आ चारिम शेरक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों