Thursday, 7 March 2013

मास फरवरी 2013क लेल गजल सम्मान योजनाक पहिल चरण


हमरा इ सूचित करैत बड्ड नीक लागि रहल अछि जे " अनचिन्हार आखर"द्वारा स्थापित " गजल कमला-कोशी-बागमती-महानंदा" सम्मानक पहिल चरण बर्ख-2013 ( मास फरवरी  लेल ) पूरा भए गेल अछि। मास  फरवरी लेल प्रदीप पुष्प जीक एहि रचना के चयन कएल गेलैन्हि अछि। हुनका बधाइ।



गजल 

पढल पंडित मुदा रोटीक मारल छी
बजै छी सत्य हम थोंथीक हारल छी

बुझू कोना सबसँ काते रहै छी हम
उचितवक्ता बनै छी तें त टारल छी

दियादेकें घरक घटना मुदा धनि सन
कटेबै केश कियै हम जँ बारल छी

मधुर बनबाक छल भेलौं जँ अधखिज्जू
सत्ते नोनगर लाड़ैनेंसँ लाड़ल छी

लगै छल नीक नाथूरामकेँ पोथी
मुदा गाँधीक साड़ा संग गाड़ल छी

किओ ने पूजि रहलै कोन गलती यौ
बिना सेनूर अरिपन 'पुष्प' पाड़ल छी

1222 1222 1222 सब पाँतिमे
बहरे हजज
-प्रदीप पुष्प

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों