सोमवार, 11 मार्च 2013

भक्ति गजल



लाल रंगक मोहमे फँसलनि हनुमान
ते तँ लाले रंग सन बनलनि हनुमान

पवनपुत्रक नाम के नै जानै एतऽ
सूर्यकें जहियासँ मुँह रखलनि हनुमान

काँपि रहलै राक्षसी सेना रण बीच
प्रेत भूतक काल बनि हँसलनि हनुमान

राम सेवकमे सबसँ आगू हनुमान
सुनि कऽ आज्ञा सिन्धुपर उड़लनि हनुमान

जपब चलिसा शुद्ध मोनसँ सब दिन भोर
"अमित"पर तखनेसँ बड ढरलनि हनुमान

फाइलातुन-फाइलातुन-मफ ऊलातु
2122-2122-2221

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों