Monday, 11 March 2013

भक्ति गजल

भक्ति गजल-7

आइ नाँचल मधुवन झूमि राधा संग
प्रेममे नाँचल गोपी तँ कान्हा संग

खा कऽ मक्खन खेलथि खेल नटखट चोर
साँझ धरि जंगलमे रहि कऽ मीता संग

नाथि देलनि नागक नाँक यमुना जा कऽ
माँथपर चढ़ि केलनि नाँच यमुना संग

फोड़ि देलनि चूड़ी तोड़ि देलनि हार
जखन रचलनि मोनक रास राधा संग

गायपर बैसल बजबैथ वंशी मधुर
कान्हपर चढ़ि घूमथि गाम बाबा संग

फाइलातुन-मफऊलातु-मफऊलातु
2122-2221-2221

अमित मिश्र

1 comment:

  1. बहुत उम्दा प्रस्तुति आभार

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    अर्ज सुनिये

    आप मेरे भी ब्लॉग का अनुसरण करे

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों