Tuesday, 25 March 2014

गजल



गीतक आखर आखर धारकेँ मोन छैक
रीतक आखर आखर धारकेँ मोन छैक

विश्वासक नै छै किछु मोल ऐठाम आब
प्रीतक आखर आखर धारकेँ मोन छैक

खुब्बे खेलक हारल नेतबा सभ मिठाइ
जीतक आखर आखर धारकेँ मोन छैक

कट्ठा बिग्घा के उपजा लिखल नोर संग
बीतक आखर आखर धारकेँ मोन छैक

लगबैए अगिया बैताल आगि मुदा ई
सीतक आखर आखर धारकेँ मोन छैक

सभ पाँतिमे 222+222+2122+121 मात्राक्रम अछि।

अंतिम शेरक पहिल पाँतिमे आगि केर मात्राक्रम २२ करबाक छूट लेल गेल अछि संगे संग अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट सेहो लेल गेल अछि। सभ गोटासँ आग्रह जे ऐ पाँतिक बदलामे दोसर पाँति बताबथि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों