Saturday, 1 March 2014

गजल


मोन कोना अजबारब ई अजबारल अछि
दीप बारब कोना ई पहिने बारल अछि

शेष नहि किछु आब लुटायब जिनगी कोना
जे बचल अछि से सब पहिने से धारल अछि

ओ हँसै वा कानै गाछी मे सारा पर
भावना सब अख़नो सीना मे गाडल अछि

दान कय ओ चल गेला तजि लोकक माया
पूत धी के रेखा बीचे मे पारल अछि

चूल्हि रागक मिझबै जाऊ मिलि जुलि कें सब
कैक पीढ़ी से ई मिथिला मे लारल अछि

२१२२ २२२२ २२२२

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों