Saturday, 15 March 2014

गजल

कौने नगरिया से एलै एहन बेपारी रे जान
रे जान भेलै मँहगा तीमन ओ तरकारी रे जान

मोटा क' ओ जे फूलल छै से कोना फुललै रे जान
रे जान खेने हेतै सभटा धन सरकारी रे जान

संसदमे बैसल नेता लागै छै हीरो सन रे जान
रे जान ईहे सभ छै सभ दिनुका अवतारी रे जान

हमरा कहै जे जनता सभकेँ सुविधा देबै रे जान
रे जान भोटक बादे धरतै बड़ बेमारी रे जान

हुमरै तँ बाछी सनकेँ चुकरै छै पाड़ा सन रे जान
रे जान खुट्टा संगे बहुते छै चुचकारी रे जान


सभ पाँतिमे 2212-222-222-222-221 मात्रा क्रम अछि।
ऐ गजलमे तकाबुले रदीफ नामक दोष अछि मुदा गोदना गीतक फार्मकेँ देखैत ई दोष अनिवार्य अछि।
ऐ गजलक तेसर शेरक पहिल पाँतिम "मे" लघु रूपमे लेल गेल अछि।

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों