Thursday, 6 March 2014

गजल

हुनक मुस्कान आरती ओ अजान थिक
दिनक सूरज तँ राति चमकैत चान थिक

सिनेहक धार बहि रहल छै रसे-रसे
नवल छै देह भावना सभ पुरान थिक

हँसू बाजू खुशी मनाबू अहाँ कने
करेजक आइ अंतिमे सन भसान थिक

किसन राधा अबैत हेता कदंब तर
हमर तोहर सिनेह बड़का प्रमाण थिक

बिका गेलै हम हुनक नाम गाम सभ
मुदा खातामे एखनो धरि लगान थिक

सभ पाँतिमे 1222+12+122+12+12 मात्राक्रम अछि।

अंतिम शेरक दोसर पाँतिमे "मे" लघु मानि लेबाक छूट लेल गेल अछि।
चारिम शेर मोनमे बैसल अज्ञात भावपर अधारित अछि।


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों