बुधवार, 20 जुलाई 2011

गजल

भेष हुनक भगवान सन

काज तँ हुनक सैतान सन


बेटा बला के तँ पंडित बुझू

बेटी बला तँ जजमान सन


मँहगाइ बढ़ल छै तेना ने

कोबरो तँ झूरझमान सन


देहे जिंदा,भावना मरि गेलै

जग लगैए समसान सन


नहि बनत केओ राम मुदा

सेवक चाही हनुमान सन




*** वर्ण---------11********


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों