शुक्रवार, 29 जुलाई 2011

गजल

जीबन मे दर्दक सनेश शेष कुशल अछि

हम नहि कहब विशेष शेष कुशल अछि


अन्हरे सरकार तँ चला रहल राज-काज

की कहू, छै बौकक इ देश शेष कुशल अछि


देहे टा बदलैए आत्मा नहि सूनि लिअ अहाँ

एहने सरकारक भेष शेष कुशल अछि


मुक्का आ थापड़क उपयोग के करत आब

खाली आँखिए लाल-टरेस शेष कुशल अछि


गजल कहब एतेक सोंझ नै अनचिन्हार

हम तँ आब चलै छी बेस शेष कुशल अछि





**** वर्ण---------17*******

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों