Tuesday, 26 February 2013

गजल

गजल-1.51

हँसि हँसि कऽ दिन कऽ जीबै छी
डरि डरि कऽ राति काटै छी

जहियासँ भेल हमला बम
घर शहर छोड़ि भागै छी

आगूसँ मोन राखब ई
फैसन कऽ भूत लागै छी

लड़लासँ समय बर्बादी
अपनेसँ घेंट काटै छी

सत्यक बनल तँ नै छै सब
कखनो कऽ झूठ बाजै छी

2212-1222
मुस्तफइलुन-मफाईलुन
अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों