Friday, 1 February 2013

गजल



पढल पंडित मुदा रोटीक मारल छी
बजै छी सत्य हम थोंथीक हारल छी

बुझू कोना सबसँ काते रहै छी हम
उचितवक्ता बनै छी तें त टारल छी

दियादेकें घरक घटना मुदा धनि सन
कटेबै केश कियै हम जँ बारल छी

मधुर बनबाक छल भेलौं जँ अधखिज्जू
सत्ते नोनगर लाड़ैनेंसँ लाड़ल छी

लगै छल नीक नाथूरामकेँ पोथी
मुदा गाँधीक साड़ा संग गाड़ल छी

किओ ने पूजि रहलै कोन गलती यौ
बिना सेनूर अरिपन 'पुष्प' पाड़ल छी

1222 1222 1222 सब पाँतिमे
बहरे हजज
-प्रदीप पुष्प

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों