Tuesday, 26 February 2013

गजल

गजल-1.40

मरघट जरल लाश बनलौं
छाउर भेल आश बनलौं

खेलाड़ी तँ पैघ तैयो
फाटल सड़ल ताश बनलौं

बचलै नै जमीनदारी
बालुक खेत चास बनलौं

भुतियेबे करब बढ़ल जन
आमसँ नै जँ खास बनलौं

चम्पा झड़ल रात रानी
झड़कल सन पलास बनलौं

पूतक लेल धन अरजलौं
बड निर्धन खबास बनलौं

टाँगल मोन "अमित "घरपर
बंगक मोहपाश बनलौं

मफऊलात-फाइलातुन
2221-2122

अमित मिश्र

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों