Thursday, 2 January 2014

गजल

हमरा दया आ दुआ दुन्नू चाही
भगवान संगे खुदा दुन्नू चाही

सभ ठीक छै ठीक छै सभ ठीके छै
कुटियासँ कटिया पता दुन्नू चाही

नेता तँ अछि नीक मिश्रण संसारक
सज्जन मुदा बेठुआ दुन्नू चाही

ऐ क्रांतिमे जोश अनुभव सभ लागत
तँइ बूढ़ संगे युवा दुन्नू चाही

शुभकामना अछि अहाँकेँ सुख सागर
हमरा सजा आ मजा दुन्नू चाही

भौजी जँ हारथि तँ भैयाजी आबथि
हुनका तँ घर आ जथा दुन्नू चाही



मतलाका पहिल पाँति लोकप्रचलित शब्दावलीपर अधारित अछि।

सभ पाँतिमे 2212+2122+222 मात्राक्रम अछि।

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों