गुरुवार, 17 नवंबर 2011

गजल

अहां के स्पर्श जीवन हिला देलक
दर्शक से कलाकार बना देलक

संगत केर असर छैक गहीर
ई मनुख के मनुख बना देलक

अनहरिआ राति के भगजोगिनि
जरैत मिझैत रास्ता देखा देलक

छल गुमान बड्ड तेजगर छी
ई सभा हमर होशे उड़ा देलक

कविता पढब छल टाइम पास
ई संसर्ग त' कविता सिखा देलक

--वर्ण - १३ --



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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों