Tuesday, 22 November 2011

गजल


नोर भरल अछि नयनामे

कुचरय कौआ अंगनामे


नोकरी भेटि गेलनि बौआ कें

राति देखलियनि सपनामे


सुनैछी बिजली रहतै भरिदिन

दरभंगा आ पटनामे


चारि बरख सं संग रहैछी

की दीय' मुंहबजनामे


की भेटल की हेरा गेल अछि

ताकि रहल छी अपनामे


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों