Tuesday, 29 November 2011

गजल

गाछी के रास्ता कोइली के कुहकब अहां क गीत सुना गेल

हिलोर लैत सरिसब के फूल अहां क चलब देखा गेल


स्वर्ण रंजित लटकल मोजर अहां क हार भरमा गेल

पोखरिक बीच बतख जुगल, पुरना स्मृति उभरा गेल


हमर स्पर्श लजबिज्जी सों जेना अहां क देह सिहरा गेल

बहैत पुरबा पातक दोग सों जेना खानगी पहुँचा गेल


शांत पोखरि चमकैत पानि जेना अहां क आन्खि देखा गेल

महुवक रस चुबैत देह पर प्रेम रस सों नहा देल


पीपरक छाह आ अहां क स्मृति आब हमर आन्खि मुना गेल

भुकलक कुकूर टूटल सपना हमरा सत्य देखा गेल


--वर्ण - २२----

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों