रविवार, 6 नवंबर 2011

गजल


S रहल छी आइ विनती वेदना गवाह अछि
कतेक प्रेम हमरा अहाँ सँ गोदना गवाह अछि

आएलहाथ शंख सितुआ मोती के ललायल छी
आँखिक नीन में डूबल कल्पना गवाह अछि

साँपलोटै छै जेना तहिना धड़कि गेल छाती
विश्वास करू हमर अहाँ कंगना गवाह अछि

एकमिसिया मुस्किया के की क देलि हमरा
नाम जपै छी अहाँ के बिधना गवाह अछि

गेल इजोरिया आब अन्हरिया दुर्गम राति
चंद्रमा जागल राति भर सजना गवाह अछि


आँखि मिला के हमरा सँ राह पकड़ लेलि अहाँ

कोना कटै अछि दिन आब रचना गवाह अछि

1 टिप्पणी:

  1. कोना कटै अछि दिन आब रचना गवाह अछि वाह वाह. वाह अनमोल पाँति

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों