Wednesday, 7 September 2011

मास अगस्त 2011क लेल गजल पुरस्कार योजनाक पहिल चरण

हमरा इ सूचित करैत बड्ड नीक लागि रहल अछि जे " अनचिन्हार आखर"द्वारा स्थापित पुरस्कार " गजल कमला-कोशी-बागमती-महानंदा" पुरस्कारक पहिल चरण ( मास अगस्तक लेल ) पूरा भए गेल अछि। मास अगस्तक लेल प्रवीण चौधरी "प्रतीक"क एहि रचना के चयन कएल गेलैन्हि अछि। हुनका बधाइ।

गजल

जवानीके सहेजक किया बैसल छी सजनियाँ

चुनि लिअ एकटा हजारोमे अपन साँवरिया

ओकरे सौपि हृदय आहाँ बनि जाउ महारानी
तखन खन-खनाएत पाएरमे पैजनियाँ

देखब कही बित ने जाए एहु बेरक लगन
एखनेसँ जोडिलिअ प्रेमीसँ प्रींतक सिनेहिया

जवानीके सहेजक किया बैसल छी सजनियाँ
चुनि लिअ एकटा हजारोमे अपन साँवरिया । ।


वर्ण ....18


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों